कोरोनावायरस आज लगभग विश्व के सभी देशों को अपनी चपेट में लिया हुआ है । आज विश्व में लाखों लोगों की मृत्यु का कारण कोरोनावायरस बना है । विकासशील देशों के लिए कोरोनावायरस अभिशाप साबित हुआ है।कोरोना वायरस के संकट से बचने के लिए सरकार ने लॉक डाउन किया । लॉक डाउन के बीच सारी दुकानों और धार्मिक स्थलों पर रोक लगा दी गई ।क्योंकि इन जगहों पर लोगों के एक साथ होने पर कोरोनावायरस का खतरा बढ़ जाता है ।इसीलिए सरकार ने सब कुछ बंद करवा दिया। लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद जब सरकार ने अनलॉक-1 किया । तो उसमें मस्जिद और मंदिर और सभी धार्मिक स्थल खोलने की अनुमति दे दी । लेकिन इसी बीच मंदिर में घंटी बजाने पर रोक लगा दी ।
क्योंकि अगर मंदिर में आने जाने वाले भक्तों के द्वारा घंटी बजाई जाती तो एक दूसरे के स्पर्श से या घंटी को बार-बार छूने से कोरोना का संक्रमण बढ़ने का खतरा होता ।हम सब जानते है भारत एक ऐसा देश है । जहां हिंदू ,मुस्लिम ,सिख ,इसाई सब मिलजुल कर रहते हैं। यहां सभी धर्मों को एक समान माना जाता है। पिछले कुछ महीनों से भारत कोरोना संक्रमण का सामना कर रहा है।
सरकार ने मंदिरों में घंटी बजाने पर पाबंदी लगाई। इसलिए इन दिनों देश के किसी भी मंदिर में घंटियां नहीं बजती है । सिर्फ एक मंदिर पशुपतिनाथ के मंदिर को छोड़कर । इस मंदिर में एक कॉन्टैक्टलेस घंटी लगी हुई है ।जिसे बनाया है । मंदसौर के नेहरू खान ने जब नेहरू खान से पूछा गया ।कि इस घंटी को बनाने का विचार उनकेमन में कैसे आया । तब नेहरू खान ने कहा -कि जब मैंने सुना कि सरकार ने मंदिर में घंटी बजाने पर पाबंदी लगाई है। तब मुझे लगा कि अजान तो आसमान में गूंजती है । तो फिर मंदिरों की घंटी की गूंज पर पाबंदी क्यों ? यह बात नेहरू खान को कुछ दिनों से बहुत परेशान किए हुए थे। इसके बाद नेहरू खान ने अपनी 3 दिन की मेहनत लगा कर एक कॉन्टैक्टलेस घंटी बनाई। यह घंटी सेंसर की मदद से काम करती है । जब इंसान इस कांटेक्ट लेंस घंटी के नीचे आता है। सब सेंसर से घंटी बजने लगती है । नेहरू खान का इस तरह का प्रयास देखकर पूरा भारत और सारे मंदिर के भक्त , श्रद्धालू बहुत खुश हुए। पूरे भारत देश में मंदसौर में स्थित पशुपतिनाथ का एक अकेला मंदिर है। जहां इन दिनों घंटी न छूने पर भी मंदिर में घंटी की आवाज गूंजती है। जो कि एक कॉन्टैक्टलेस सेंसर वाली घंटी के कारण हुआ इस घंटी को बनाने वाले एक समाजसेवी नेहरू खान है । जो मुस्लिम समुदाय से है। भारत देश में आज भी सारे धर्म समान है । भारत देश में कभी भी जनता को धर्म के आधार पर नहीं बांटा जा सकता ।यह नेहरू खान जी ने इस घंटी को बनाकर साबित कर दिया है ।
यह घंटी को एक रोड के बीच रोलर और नीचे की तरफ सेंसर लगाकर बनाया गया है । जैसे ही व्यक्ति सेंसर के नीचे आता है । उसका हाथ और चेहरा दिखने पर रॉड के अंदर लगा रोलर घूमने लगता है । तभी घंटी को रोलर से रस्सी के द्वारा कसकर खिंचता है । और तब बिना हाथ लगाए सेंसर के द्वारा यह कांटेक्ट लेंस घंटी बजती है। अब इस तरह की घंटियां दूसरे मंदिरों में भी बजाने का प्रयास शुरू किया गया है। कांटेक्टलेस घंटी से किसी भी प्रकार का संक्रमण फैलने का खतरा नहीं है । और यह सबसे अच्छा और सरल उपाय है। जिससे मंदसौर के समाजसेवी नेहरू खान ने अपने प्रयास से बनाया है। बीते कुछ दिनों में हुई इस घटना ने साबित कर दिया। कि भारत एक धार्मिक देश है। और भारत की इस धार्मिक एकता को कोई नहीं भंग कर सकता है । नेहरू खान के द्वारा लगाई गई इस घंटी की गूँजन ने यह साबित कर दिया ।
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