देश में कोरोनावायरस तेज़ी के साथ फैलते जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी पर कोरोना वायरस का खतरा मंडरा रहा है। कोरोनावायरस के चलते मध्यप्रदेश में की 10वीं कक्षा को प्रमोशन दिया था , लेकिन इसी के चलते मध्यप्रदेश बोर्ड ने 12वीं की परीक्षाएं 11 जून से 16 जून की बीच पूरी कर ली थी। कोरोनावायरस जैसे भयानक संकट के बीच इस तरह से परीक्षा करवाना बहुत बड़ी समस्या का सामना करने के समान था ।Covid-19 संकट के मद्देनजर अब तक प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयीन की परीक्षा नहीं हो पाई थी, मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयीन स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षार्थियों को जनरल प्रमोशन दिया जाएगा। इसके तहत कॉलेज और विश्वविद्यालयों में होने वाले परीक्षा पर सरकार ने छात्र छात्रा को प्रमोशन देने की बात कही है । जिसके तहत छात्र छात्रों को बिना परीक्षा दिया पास किया जाएगा। इसके लिए एमपी सरकार ने कुछ गाइडलाइन बनाए हैं। जिसकी घोषणा सीएम शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan big decision) ने कर दी है। यह निर्णय कोरोना महामारी की वजह से हुआ है।
दरअसल, कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। अब स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष और स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा दिए उनके गत वर्ष/सेमेस्टर के अंकों/आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा/सेमेस्टर में प्रवेश दिया जाएगा। मध्य प्रदेश में मौजूदा शैक्षणिक सत्र में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर कुल 17 लाख 77 हजार परीक्षार्थी हैं. इनमें स्नातक प्रथम वर्ष में 5 लाख 25 हजार 200, स्नातक द्वितीय वर्ष में 5 लाख 7 हजार 269, स्नातक तृतीय वर्ष में 4 लाख 30 हजार 298, स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर में 01 लाख 72 हजार 634, स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर में 01 लाख 41 हजार 599 परीक्षार्थी हैं.
कैसे निर्धारित होगा रिजल्ट ?
कॉलेज के छात्र छात्राओं को प्रमोशन देने के बाद परिणाम घोषित करने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि साथ ही स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षार्थियों के पूर्व वर्षों/ सेमेस्टर्स में से सर्वाधिक अंक प्राप्त परीक्षा परिणाम को प्राप्तांक मानकर अंतिम वर्ष/सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित किये जाएंगे। जनसंपर्क के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे परीक्षार्थी जो परीक्षा देकर और सुधार चाहते हैं, उनके पास परीक्षा देने का विकल्प भी रहेगा। वे आगामी घोषित तिथि पर ऑफलाइन परीक्षा दे सकेंगे।
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