आज के समय कोरोनावायरस के संकट से पूरा विश्व बेहाल है, कोरोनावायरस संकट का प्रभाव विश्व के सभी क्षेत्रों में पड़ा है। कोरोनावायरस के कारण कई देशों की अर्थव्यवस्था को अत्यधिक प्रभाव पड़ा है।
भारत देश की भी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है इसके साथ ही भारत देश में लॉकडाउन किया गया जिसके चलते पूरे देश में सब कुछ बंद कर दिया। कोरोनावायरस के कारण शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल हुई है, जो शिक्षा के क्षेत्र में ऑनलाइन क्लासेज की पहल है। इस ऑनलाइन क्लास मैं बच्चों को इंटरनेट के जरिए पढ़ाया जाता है
ऑनलाइन क्लास में शिक्षक बच्चों को लाइव आकर पढ़ाते हैं, क्लास ख़त्म हो जाने के बाद क्लास टीचर उन्हें जो होमवर्क देते है, वह होमवर्क भी डिजिटल फॉर्म में होता है। विद्यार्थी अपना होमवर्क करके होमवर्क डॉक्यूमेंट की फाइल बनाकर टीचर को ईमेल करता है, इसके बाद टीचर उस फाइल को चेक करके विद्यार्थी को उसका रिपोर्ट कार्ड भेजते हैं। इस तरीके के ऑनलाइन पढ़ाई करने से बच्चों में टेक्नोलॉजी के प्रति और ज़्यादा रुचि दिखाई देने लगी है। ऑनलाइन क्लासेस में असाइनमेंट भी दिए जाते हैं, स्टूडेंट अपना असाइनमेंट लिख कर उसकी पीडीएफ फाइल टीचर को भेजता है।
कोरोनावायरस के चलते ऑनलाइन क्लासेस शिक्षा के क्षेत्र में और विद्यार्थी के मानसिक विकास करने में अत्यधिक लाभदायक साबित हुई है। जो काम विद्यार्थियों को कॉलेज और यूनिवर्सिटी में करना होता था, आज स्कूल में वह काम बच्चे ख़ुद कर रहे हैं। जिसके कारण बच्चों में टेक्नॉलजी से एक अलग लगाव देखने को मिल रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ घर-घर तक ऑनलाइन क्लास को पहुँचाना मुश्किल हुआ है, तो सरकार उन्हें दूरदर्शन के द्वारा शिक्षा देने का प्रयास कर रही है। कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को देख कर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुछ महीने स्कूल ना खुलने की आशंका है। कोरोनावायरस के कारण शिक्षा के क्षेत्र में आए ऑनलाइन क्लासेज के बदलाव के कारण बच्चे और भी ज़्यादा स्मार्ट हो गए हैं। वह मोबाइल और कंप्यूटर में हर काम को आसानी से कर ले रहे हैं। जैसे फाइल बनाना, टाइपिंग करना, इंटरनेट चलाना, पीडीएफ फाइल बनाना कोरोनावायरस के आने से पहले यह सारे काम के कॉलेज विद्यार्थी को कॉलेज में करने के लिए दिए जाते थे। आज वही सारे काम ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से स्कूली बच्चे कर रहे हैं कोरोनावायरस के कारण कई महाविद्यालय और यूनिवर्सिटी ने अपने एग्जाम ऑनलाइन कराएँ हैं, ऑनलाइन एग्जाम में स्टूडेंट अपने घर बैठे कर ही एग्जाम दे सकता है और अपने पेपर को सबमिट कर सकता है। शुरुआत में ऑनलाइन क्लासेस को बच्चों के माता-पिता सपोर्ट नहीं करते है लेकिन हालात और वक़्त को देखते हुए बच्चों के माता-पिता ने भी बच्चों को ऑनलाइन क्लासेज में पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
शिक्षा के क्षेत्र में ऑनलाइन क्लासेस के आ जाने से स्टूडेंट को कई फायदे हुए
1-ऑनलाइन क्लासेज के द्वारा स्टूडेंट को कहीं आने जाने की ज़रूरत नहीं होती, जिससे कि उसका समय बचता है और वह अपने समय को अपनी पढ़ाई करने में उपयोग कर सकता कर सकता है
2-ऑनलाइन एजुकेशन में बच्चे अपनी क्लासेस रिकॉर्ड कर सकते हैं और उन्हें आवश्यकता पड़ने पर जब चाहे जितनी बार देख सकते है
3-मोबाइल और कंप्यूटर से बच्चे का लगाव होने के कारण ऑनलाइन क्लासेज में दिए गए किसी भी डिजिटल वर्क को बच्चे अच्छे से कर सकते हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर इस काम के लिए वह अपने माता-पिता का भी सहारा लेते हैं।
4-ऑनलाइन क्लासेस के कारण बच्चों को किसी भी प्रकार से घर से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होती जिससे वह अपने माता-पिता कि नजरों के सामने रहते है।
कोरोनावायरस के तहत ऑनलाइन क्लासेस में बच्चों का पढ़ाई करना जितना लाभदायक है, उतना ही हानिकारक है, बच्चों को कई ज़्यादा नुक़सान भी हुआ है। जो कुछ इस तरह है
1-ऑनलाइन पढ़ाई करने से बच्चे मोबाइल और कंप्यूटर से ज़्यादा फ्रेंडली हो गए हैं
2-बच्चे ज़्यादा से ज़्यादा समय अपने मोबाइल और कंप्यूटर में बिताते है, माता-पिता कि पूछने पर ऑनलाइन क्लासेस का बहाना भी बना देते हैं
3-ऑनलाइन क्लासेस के कारण बच्चों के मोबाइल और लैपटॉप यूज़ करने का समय बढ़ रहा है, जो बच्चों की आंखों के लिए ख़तरा बन रहा है।
4-ऑनलाइन क्लासेस में बच्चों को क्लास जैसा माहौल प्राप्त नहीं हो पा रहा है जिसके कारण वह अपने कंफ्यूजन दूर नहीं कर पाता है
शिक्षा के क्षेत्र में कोरोनावायरस के चलते उठाया गया ये ऑनलाइन क्लासेज का क़दम जितना विद्यार्थियों के जीवन को स्मार्ट बना रहा है उससे कहीं ज़्यादा विद्यार्थियों के जीवन में असुविधा को जन्म दे रहा है। संभावना जताई जा रही है, की हमारी सरकार भी शिक्षा के क्षेत्र में ऑनलाइन क्लासेस पर सही निर्णय ले।
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